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Top 101 Mahatma Gandhi Quotes in Hindi – महात्मा गांधी के अनमोल वचन

Top 101 Mahatma Gandhi Quotes in Hindi - महात्मा गांधी के अनमोल वचन
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Top 101 Mahatma Gandhi Quotes in Hindi – महात्मा गांधी के अनमोल वचन: We Have All time Famous Collection of Mahatma Gandhi Jayanti Quotes in Hindi for Self Motivation. i hope you will like theses amazing motivational Quotes. Read and share your friend and family on whatsapp, facebook and others social media.

Mahatma Gandhi Quotes – महात्मा गांधी के अनमोल वचन

  • आप नम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते हैं।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो !
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • हम जिसकी पूजा करते है उसी के समान हो जाते है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • कायरता से कही अच्छा है
    लड़ते लड़ते मर जाना
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • महात्मा गाँधी के विश्व प्रसिद्द 101 विचार Mahatma Gandhi Quotes In Hindi
  • अहिंसा एक विज्ञान है। विज्ञान के शब्दकोश में ‘असफलता’ का कोई स्थान नहीं।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • आपका कोई काम महत्वहीन हो सकता है लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि आप कुछ करें।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे रहते हैं, वो साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • गरीबी दैवी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है ।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • उस आस्था का कोई मूल्य नहीं जिसे आचरण में न लाया जा सके।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • सार्थक कला रचनाकार की प्रसन्नता, समाधान और पवित्रता की गवाह होती है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • अधभूखे राष्ट्र के पास न कोई धर्म, न कोई कला और न ही कोई संगठन हो सकता है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है, सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • अधिकारों की प्राप्ति का मूल स्रोत कर्तव्य है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • विश्व के सारे महान धर्म मानवजाति की समानता, भाईचारे और सहिष्णुता का संदेश देते हैं।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • क्रूरता का उत्तर क्रूरता से देने का अर्थ अपने नैतिक व बौद्धिक पतन को स्वीकार करना है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • एक सच्चे कलाकार के लिए सिर्फ वही चेहरा सुंदर होता है जो बाहरी दिखावे से परे, आत्मा की सुंदरता से चमकता है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • best mahatma gandhi quotes in hindi - महात्मा गांधी सुविचार
  • थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • वक्ता के विकास और चरित्र की वास्तविक प्रतिबिंब ‘भाषा’ है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • अपने से हो सके, वह काम दूसरे से न कराना।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • सच्चा व्यक्तित्व अकेले ही सत्य तक पहुंच सकता है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • समाज में से धर्म को निकाल फेंकने का प्रयत्न बांझ के पुत्र करने जितना ही निष्फल है और अगर कहीं सफल हो जाय तो समाज का उसमे नाश होता है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • – शुद्ध हृदय से निकला हुआ वचन कभी निष्फल नहीं होता।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन का उपवास न हो तो वह दम्भपूर्ण और हानिकारक हो सकता है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • – अपनी बुराई हमेशा सुनें, अपनी तारीफ कभी न सुनें ।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है, लड़ते-लड़ते मर जाना।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • – जो डरता है वह खोता है ।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • जब भी आपका सामना किसी विरोधी से हो, उसे प्रेम से जीतें।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • – मनुष्य जब एक नियम तोड़ता है तो बाकी अपने आप टूट जाते हैं ।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है। वह तो केवल अपनी ख़ुशी बिखेरता है। उसकी खुशबु ही उसका संदेश है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • – राम नाम रस पीना है तो काम, क्रोधा आदि निकालना चाहिए।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • अहिंसात्मक युद्ध में अगर थोड़े भी मर मिटने वाले लड़ाके मिलेंगे तो वे करोड़ों की लाज रखेंगे और उनमें प्राण फूकेंगे। अगर यह मेरा स्वप्न है, तो भी मेरे लिए मधुर है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • अपनी बुद्धिमता को लेकर बेहद निश्चित होना बुद्धिमानी नहीं है. यह याद रखना चाहिए कि ताकतवर भी कमजोर हो सकता है और बुद्धिमान से बुद्धिमान भी गलती कर सकता है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • – रामायण का पाठ करते रहना व्यर्थ है यदि आप राम जैसा आचरण नहीं करते।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है ।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • मैं हिंदी के जरिये प्रांतीय भाषाओँ को दबाना नहीं चाहता, किन्तु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूँ।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • – जब फिक्र करने वाला ईश्वर है, तो हम क्यों करें?
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी
  • मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ।
    Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी